“हमारा जीवन सुंदर इसलिए सुन्दर नहीं बनता क्योंकि हम परफेक्ट हैं। हमारा जीवन इसलिए सुंदर बनता है, क्योंकि हम जो कुछ भी करते हैं, उसे पूरे दिल से करते हैं।”
- सद्गुरु

सद्‌गुरु

सद्गुरु एक योगी, दिव्यदर्शी और युगदृष्टा हैं। सद्गुरु को भारत के 50 सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल किया जा चुका है, और उन्होंने अपने रूपांतरण लाने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से दुनिया भर में करोड़ों लोगों के जीवन को स्पर्श किया है। सद्गुरु में प्राचीन योग विज्ञान को आज के समय के दिमाग के लिए प्रासंगिक बनाने की अनूठी क्षमता है। सद्‌गुरु के तरीके किसी भी विश्वास प्रणाली से जुड़े हुए नहीं हैं। वे आत्म-रूपांतरण के लिए शक्तिशाली और कारगर विधियां भेंट करते हैं।

सद्‌गुरु एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध वक्ता और न्यूयॉर्क टाइम्स बेस्टसेलर 'इनर इंजीनियरिंग: ए योगीज़ गाइड टू जॉय' के लेखक हैं। वे संयुक्त राष्ट्र और वर्ल्ड इकनोमिक फोरम सहित प्रमुख विश्व स्तर के मंचों पर एक प्रभावशाली आवाज़ रहे हैं। उन्होंने सामाजिक-आर्थिक विकास, नेतृत्व और आध्यात्मिकता जैसे विविध मुद्दों को संबोधित किया है। उन्हें हार्वर्ड, येल, ऑक्सफोर्ड, स्टैनफोर्ड, व्हार्टन और एमआईटी जैसे अग्रणी शैक्षिक संस्थानों में नियमित रूप से बोलने के लिए आमंत्रित किया जाता है।

सद्‌गुरु ने अपना जीवन मानवता के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कल्याण के लिए समर्पित किया हुआ है। उनके पास जीवन और जीने पर एक ऐसा दृष्टिकोण है, जो उनसे मिलने वाले सभी लोगों को हमेशा कुतूहल, चुनौती और आश्चर्य में डाल देता है।


रूपांतरण के प्रति प्रतिबद्धता

सद्गुरु ने 1992 में ईशा फाउंडेशन की स्थापना की, जो एक गैर-लाभकारी और स्वयंसेवकों द्वारा संचालित संगठन है। ईशा फाउंडेशन नब्बे लाख से अधिक स्वयंसेवकों द्वारा 300 से अधिक केंद्रों में विश्व स्तर पर सक्रिय है। भीतरी रूपांतरण लाने वाले शक्तिशाली योग कार्यक्रमों और प्रेरणादायक सामाजिक परियोजनाओं के माध्यम से, ईशा फाउंडेशन ने मानव कल्याण के सभी पहलुओं को संबोधित करने के लिए समर्पित एक विशाल जन-आंदोलन का निर्माण किया है।

सद्गुरु ने सामाजिक पुनरोद्धार, शिक्षा और पर्यावरण पर केंद्रित कई परियोजनाओं की भी शुरुआत की है, जिनके माध्यम से लाखों लोगों को गरीबी दूर करने, उनके जीवन स्तर में सुधार लाने और समुदाय आधारित, टिकाऊ विकास प्राप्त करने के साधन दिए गए हैं। सितम्बर 2017 में, सद्गुरु ने भारत की गंभीर रूप से सूख चुकी नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए स्थायी और दीर्घकालिक नीति परिवर्तनों को लागू करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी मुहिम - नदी अभियान की शुरूआत की। यह 16.2 करोड़ न से अधिक समर्थकों के साथ इतिहास का सबसे बड़ा पर्यावरण अभियान बन गया।

पुरस्कार और सम्मान

भारत सरकार द्वारा 'पद्म विभूषण पुरस्कार'

- असाधारण और प्रतिष्ठित सेवा के लिए दिए जाने वाले सर्वोच्च वार्षिक नागरिक पुरस्कारों में से एक, फरवरी 2017

न्यूयॉर्क टाइम्स बेस्टसेलर सूची में

'इनर इंजीनियरिंग: एक योगीज़ गाइड टू जॉय' के लिए, सितंबर 2016

विशेष सलाहकार का पद

संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक और सामाजिक परिषद के साथ

भारत के 50 सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल

इंडिया टुडे पत्रिका द्वारा

इंदिरा गांधी पर्यावरण पुरस्कार

भारत की सर्वोच्च पर्यावरणीय सराहना

गिनीज़ विश्व रिकॉर्ड

प्रोजेक्ट ग्रीनहैंड्स को, तीन दिनों में 200,000 से अधिक स्वयंसेवकों के साथ 800,000 से अधिक पेड़ लगाने के लिए

इंडिया टुडे द्वारा सफाईगिरी पुरस्कार

प्रोजेक्ट ग्रीनहैंड्स के लिए

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