रिसर्च

शिक्षकों और प्रतिभागियों की व्यक्तिगत मौजूदगी वाले इनर इंजीनियरिंग कार्यक्रम में, एक प्राचीन क्रिया शाम्भवी महामुद्रा क्रिया की दीक्षा दी जाती है। आज दुनिया भर में लाखों लोग इसका अभ्यास करते हैं। नियमित रूप से क्रिया के अभ्यास से होने वाले लाभों को, वैज्ञानिक अध्ययनों में मस्तिष्क की गतिविधि, नींद के पैटर्न, मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक खुशहाली के स्तरों पर मापा गया है।

रिसर्च के नतीजे

इनर इंजीनियरिंग ऑनलाइन पर हावर्ड मेडिकल स्कूल की रिसर्च

इनर इंजीनियरिंग ऑनलाइन में बताई विधियों का पालन करने वाले प्रतिभागियों के तनाव के स्तर में 50% से ज्यादा की कमी हुई

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कॉर्पोरेट कार्यक्रम के रिसर्च पार्टनर:

रट्गर्स यूनिवर्सिटी की रिसर्च

इनर इंजीनियरिंग ऑनलाइन से ऊर्जा, आनंद और लगन से काम करने की भावना में महत्वपूर्ण सुधार होता है

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कॉर्पोरेट कार्यक्रम के रिसर्च पार्टनर:

मानसिक और भावनात्मक लाभ

शाम्भवी क्रिया का अभ्यास करने वाले साधकों पर हुए एक सर्वे से पता चला है कि एक वर्ष तक शाम्भवी महामुद्रा अभ्यास करने के बाद, उन्हें महत्वपूर्ण मानसिक और भावनात्मक लाभ मिले। जीवन शैली में किसी भी तरह के बदलाव के बिना, शाम्भवी महामुद्रा के अभ्यास से बेहतर फोकस, अधिक आनंद, खुशी और भीतरी शांति के परिणाम सामने आए हैं।

शाम्भवी का अभ्यास करने वाले 536 साधकों पर किए गए एक अध्ययन से नीचे दिए गए क्षेत्रों में सुधार का पता चला है:

एकाग्रता
77%
मानसिक स्पष्टता
98%
भावनात्मक संतुलन
92%
उर्जा स्तर
84%
उत्पादकता
77%
भीतरी शांति
94%
आत्मविश्वास
82%

डिप्रेशन

डिप्रेशन86% सुधार की रिपोर्ट50% दवाइयां छोड़ दी28% दवाइयां कम कर दीं

चिंता

चिंता87% सुधार की रिपोर्ट50% दवाइयां छोड़ दी25% दवाइयां कम कर दीं

दिमाग की तरंगों के पैटर्न

शाम्भवी साधकों पर किए गए एक अध्ययन में पता चला, कि शाम्भवी न करने वालों की तुलना में, उनके अंदर ज़्यादा आरामदायक मस्तिष्क पैटर्न पाए गए। शाम्भवी से इस तरह का आराम, विश्राम, और कोशिकाओं की फिर उत्पत्ति पाई गई, जो आमतौर पर नींद के सबसे गहरे चरणों में पाई जाती है।

अल्फा तरंगों में वृद्धि(इनका संबंध जागते समय आराम की स्थिति में होने से है)अल्फा
घटी हुई बीटा तरंगें(इनका संबंध सक्रियया चिंता से भरे विचारों से है)बीटा
deltaडेल्टा तरंगों में वृद्धि(इनका संबंध नींद की सबसे गहरी अवस्था से है)डेल्टा

स्वास्थ्य लाभ

स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार पर एक सर्वे में, 536 शाम्भवी साधकों ने स्थाई बीमारियों जैसे सिरदर्द, माइग्रेन, एलर्जी, अस्थमा, पीठ दर्द और मासिक धर्म संबंधी विकारों से राहत की जानकारी दी। सर्वे में अनिद्रा के मामलों में महत्वपूर्ण सुधार का भी पता चला। 40% मामलों में दवा या तो कम हो गई या दवा बिल्कुल बंद हो गई।

नियमित अभ्यास के साथ सुधार की रिपोर्ट देने वाले व्यक्तियों का प्रतिशत

उच्च रक्तचाप
67%
दमा
79%
सिरदर्द / माइग्रेन
90%
मधुमेह
71%
पीठ / गर्दन का दर्द
74%
पाचन विकार
73%

नींद के पैटर्न

sleepरेम, यानी नींद में आँखों की पुतलियों के तेज़ी से हिलने की अवधिx2रेम तक पहुँचने का समय1/3नींद आ जाने का समय1/8शाम्भवी अभ्यास नहीं करने वालेशाम्भवी अभ्यास करने वाले

अनिद्रा

insomnia84% सुधार की रिपोर्ट40% दवाइयां कम कर दीं30% दवाइयां छोड़ दी

मासिक धर्म संबंधी विकार

माना जाता है कि 75% महिलाएं मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं का अनुभव करती हैं। पूल अस्पताल एनएचएस ट्रस्ट, यूके, और इंडियाना यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन की एक टीम ने, शाम्भवी महामुद्रा करने वाली 128 महिला साधकों से क्रिया शुरू करने से पहले और छह महीने के अभ्यास के बाद, मासिक धर्म संबंधी विकारों के बारे में कुछ प्रश्न पूछकर एक सर्वे किया।

menstrual_before_afterपहलेबाद में
menstrual_180% कमीअनियमित चक्रों में63% कमीडॉक्टर से सलाह लेने की ज़रूरत में83% कमीकाम करने में मुश्किलें आने में
menstrual_257% कमीमासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द के गंभीर लक्षणों में87% कमीबहुत अधिक प्रवाह की स्थिति में72% कमीपीएमएस में मानसिक लक्षण

संदर्भ

मेट्यूरी आर और दूसरे साथी। ईशा योग साधक की खुशहाली का सर्वे। मार्च 2010

मुरलीकृष्णन के, बालाकृष्णन बी, बालासुब्रमण्यम के, विस्नेगरॉवला एफ। अल्पकालिक हृदय गति परिवर्तनशीलता का उपयोग करके हृदय स्वायत्त तंत्रिका तंत्र पर ईशा योग के प्रभाव का मापन। जे आयुर्वेद एकीकृत (इंटीग्रेटेड) दवा। अप्रैल 2012।

संतोष योग, अग्रवाल जी, भाटिया एम, नंदीश्वरा एसबी, आनंद एस। ईशा योग के शाम्भवी महामुद्रा अभ्यास की स्पेशियो-टेम्पोरल ईईजी स्पेक्ट्रल एनालिसिस।

विंचुरकर एस, टेल्लेस एस, विश्वेश्वरैया एन.के. नींद पर लम्बे समय तक किए गए ध्यान अभ्यास का प्रभाव: एक नियंत्रित परीक्षण। योगइस्म पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी। Dec.2010।

नीधिराजन टीपी, मैट्यूरी आर, बालकृष्णन बी. मासिक धर्म संबंधी विकारों पर ईशा योग का प्रभाव।